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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 397

Treatment of victims

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

गंभीर हिंसक या लैंगिक अपराधों के पीड़ितों को अक्सर तत्काल चिकित्सकीय सहायता चाहिए होती है, और भुगतान, भर्ती औपचारिकताओं या अधिकार-क्षेत्र को लेकर होने वाली देरी जानलेवा हो सकती है या क्षति बढ़ा सकती है। यह धारा हर अस्पताल—सरकारी हो या निजी—पर आपातकालीन उपचार का पूर्ण और सार्वभौमिक दायित्व डालती है तथा इसके साथ अनिवार्य पुलिस सूचनाकरण जोड़ती है, ताकि चिकित्सकीय देखभाल और विधिक जवाबदेही साथ-साथ आगे बढ़ें और एक दूसरे को रोकें नहीं।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: केवल सरकारी अस्पतालों पर ही अपराध पीड़ितों को निःशुल्क आपातकालीन उपचार देने की जिम्मेदारी है।

    तथ्य: यह धारा सभी अस्पतालों पर लागू होती है—सरकारी या निजी—चाहे उन्हें कोई भी संचालित करता हो।