Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023
धारा 398
Witness protection scheme
Every State Government shall prepare and notify a Witness Protection Scheme for the State with a view to ensure protection of the witnesses.
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
गवाह अक्सर बयान देने पर धमकियों, डराने-धमकाने या नुकसान का सामना करते हैं, जिससे वे शत्रुतापूर्ण हो सकते हैं या सहयोग करने से इंकार कर सकते हैं; यह पूरे न्याय तंत्र की सत्य तक पहुँचने की क्षमता को कमज़ोर करता है। यह धारा प्रत्येक राज्य के लिए गवाहों की सुरक्षा हेतु एक औपचारिक, प्रकाशित योजना को अनिवार्य बनाती है, जिससे पहले जो बात न्यायालय के निर्देशों से मान्य थी, उसे अब बाध्यकारी वैधानिक आवश्यकता में बदला गया है।
न्यायालय इसे कैसे पढ़ते हैं
पूर्व में सर्वोच्च न्यायालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को गवाह संरक्षण की रूपरेखा लागू करने का निर्देश दिया था, यह मानते हुए कि धमकियों और डराने-धमकाने का सामना करने वाले गवाह सुरक्षित रूप से बयान नहीं दे पाते; यह धारा उसी आवश्यकता को सीधे विधि में समाहित करती है ताकि हर राज्य अपनी योजना औपचारिक रूप से अधिसूचित करे।
आम गलतफहमियाँ
मिथक: भारत में गवाह संरक्षण केवल पुलिस विभागों द्वारा मनमर्ज़ी से दी जाने वाली अनौपचारिक शिष्टाचार-सेवा है।
तथ्य: यह धारा प्रत्येक राज्य सरकार के लिए एक औपचारिक गवाह संरक्षण योजना (Witness Protection Scheme) तैयार कर उसे अधिसूचित करना कानूनी रूप से अनिवार्य बनाती है।