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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 102

Direction, etc., of search-warrants

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

तलाशी-वारंट और गिरफ़्तारी-वारंट में अनेक व्यवहारिक समानताएँ होती हैं—दोनों में स्पष्ट निर्देश, निष्पादन का निर्धारित क्षेत्र, और आसपास के लोगों का सहयोग अपेक्षित होता है। हर प्रकार के तलाशी-वारंट के लिए वही प्रक्रिया-नियम अलग-अलग दोहराने के बजाय, विधायिका (पुराने दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 99 में प्रयुक्त मसौदा-पद्धति का अनुसरण करते हुए) गिरफ़्तारी-वारंट संबंधी उपबंधों का संदर्भ अपनाती है, ताकि तलाशी-वारंट पूरे देश में समान प्रक्रिया-सुरक्षाओं और एकरूपता के साथ निष्पादित हों।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: यह कथन गलत है: तलाशी-वारंट और गिरफ़्तारी-वारंट पूरी तरह भिन्न नहीं हैं; कई प्रक्रिया-नियम दोनों पर समान रूप से लागू होते हैं।

    तथ्य: धारा 102 जानबूझकर गिरफ़्तारी-वारंट से जुड़े कई नियम (निर्देशन, क्षेत्राधिकार/निष्पादन-क्षेत्र, और सहायता) उधार लेकर उन्हें विशिष्ट तलाशी-वारंटों पर लागू करती है, इसलिए अनेक प्रक्रिया-पहलुओं में ओवरलैप होता है।

  • मिथक: धारा 102 संहिता के अंतर्गत जारी हर तलाशी-वारंट पर लागू होती है।

    तथ्य: यह केवल धारा 96, 97, 98 या 100 के अंतर्गत जारी तलाशी-वारंटों पर लागू होती है—क़ानून में निहित हर तलाशी-सत्ता पर नहीं।