Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023
धारा 32
Aid to person, other than police officer, executing warrant
When a warrant is directed to a person other than a police officer, any other person may aid in the execution of such warrant, if the person to whom the warrant is directed be near at hand and acting in the execution of the warrant.
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
आम तौर पर वारंट पुलिस ही लागू करती है, पर कानून विशेष परिस्थितियों (जैसे दूरदराज़ क्षेत्रों या असाधारण हालात) में न्यायालयों को वारंट निजी व्यक्तियों को निर्देशित करने की अनुमति देता है। यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि ऐसा निजी क्रियान्वयनकर्ता असहाय न रह जाए — मौके पर मौजूद दर्शक या अन्य लोग सहायता दे सकते हैं, पर केवल तब जब अधिकृत व्यक्ति वास्तव में उपस्थित होकर वारंट पर कार्रवाई कर रहा हो; इससे उन अजनबियों द्वारा दुरुपयोग रोका जाता है जो अपने बल पर अधिकार जताने लगें।
आम गलतफहमियाँ
मिथक: कोई भी अनजान व्यक्ति सिर्फ यह कहकर कि वारंट है, किसी को गिरफ्तार कर सकता है।
तथ्य: मदद तभी विधिसंगत है जब वारंट में नामित वास्तविक व्यक्ति स्वयं मौजूद हो और वारंट का क्रियान्वयन सक्रिय रूप से कर रहा हो — दर्शक अपनी पहल पर कार्रवाई नहीं कर सकते।
मिथक: सिर्फ पुलिस अधिकारियों को ही कभी वारंट दिए जा सकते हैं।
तथ्य: कुछ स्थितियों में न्यायालय वारंट निजी व्यक्तियों को निर्देशित कर सकते हैं, और यह धारा विशेष रूप से उसी परिप्रेक्ष्य से संबंधित है।