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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 507

Irregularities which vitiate proceedings

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

कुछ न्यायिक शक्तियाँ — जैसे मुकदमे का विचारण करना, अपील का निर्णय करना, या किसी की संपत्ति कुर्क करने का आदेश देना — इतनी परिणामकारी होती हैं कि बिना अधिकार के उनका प्रयोग महज़ तकनीकी कमी मानकर नहीं छोड़ा जा सकता, जैसा कि धारा 506 में वर्णित हल्की त्रुटियों के साथ होता है। यह धारा स्पष्ट रेखा खींचती है: इन श्रेणियों में किया गया अनधिकृत कार्य सीधा शून्य है, जिससे लोगों को ऐसे व्यक्ति के निर्णयों से बचाया जा सके जो सच में ऐसा निर्णय देने की शक्ति नहीं रखता था। यह पुराने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 461 के अनुरूप है।

न्यायालय इसे कैसे पढ़ते हैं

समतुल्य दंप्रसं (CrPC) प्रावधान की व्याख्या करने वाली अदालतों ने इसे निरंतर एक ऐसे अधिकार-क्षेत्रीय निषेध के रूप में माना है जो कार्यवाही की जड़ तक जाता है — उपचार योग्य अनियमितताओं के विपरीत, अपराध का विचारण करने या अपील का निर्णय करने की पूर्ण शक्ति-अभाव में दिया गया आदेश निष्फल (नलिटी) होता है, चाहे सद्भावना कुछ भी रही हो।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: सद्भावना हमेशा मजिस्ट्रेट की अनधिकृत कार्रवाई को अमान्य होने से बचा लेती है।

    तथ्य: इस धारा में सूचीबद्ध गंभीर कार्रवाइयों के लिए, अनधिकृत कार्यवाहियां सद्भावना के बावजूद शून्य होती हैं; केवल धारा 506 में दी गई हल्की श्रेणी को ही ऐसा संरक्षण मिलता है।