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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 384

Procedure in certain cases of contempt

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

न्यायालयों को वास्तविक समय में अपनी कार्यवाही की मर्यादा और सुव्यवस्था बनाए रखने का अधिकार चाहिए—खुली अदालत में न्यायाधीश का अपमान या अवरोध करने वाले को दंडित करने हेतु अलग मुकदमे की प्रतीक्षा करना न्यायालय की कार्यक्षमता को कमजोर करेगा। यह धारा न्यायालयों को तत्पर, उसी दिन की कार्यवाही का अधिकार देती है, जिसे दंड की सीमा और अनिवार्य लिखित अभिलेख द्वारा संतुलित किया गया है ताकि कार्रवाई पारदर्शी और पुनरीक्षण योग्य रहे।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: एक न्यायाधीश इस उसी-दिन की शक्ति का उपयोग कर, अदालत में कही गई किसी भी बात—चाहे कितनी ही मामूली हो—के लिए किसी को भी दंडित कर सकता/सकती है।

    तथ्य: यह शक्ति केवल उन्हीं विशिष्ट सूचीबद्ध अपराधों तक सीमित है जो सीधे न्यायालय की दृष्टि या उपस्थिति में किए गए हों, जिसमें जुर्माने की अधिकतम सीमा और अनिवार्य लिखित अभिलेख का प्रावधान है।