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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 385

Procedure where Court considers that case should not be dealt with under

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

धारा 384 के अंतर्गत न्यायालय की अपनी संक्षिप्त शक्ति न्यायाधीश के समक्ष प्रत्यक्ष घटित अवमानना-तुल्य कृत्यों पर शीघ्र और सीमित दंड हेतु है। परन्तु जब अपराध को उस संक्षिप्त शक्ति से अधिक कड़े दंड की आवश्यकता हो, तो न्यायसंगतता के लिए सभी सामान्य प्रक्रियात्मक सुरक्षा-साधनों सहित पूर्ण विचारण आवश्यक होता है; इसी कारण यह विषय तुरंत अनौपचारिक रूप से निपटाने के बजाय मजिस्ट्रेट को अग्रसारित किया जाता है।