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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 283

Power to try summarily

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

संक्षिप्त सुनवाई का उद्देश्य भारत में छोटे, बार-बार होने वाले मामलों—छोटी चोरियाँ, मामूली धमकियाँ, कम-मूल्य की चोरी की संपत्ति का लेन-देन—का बोझ तेज़ी से घटाना है, ताकि पूर्ण मुक़दमे की देरी न हो। यह प्रावधान पुराने दंड प्रक्रिया संहिता के संक्षिप्त सुनवाई अध्याय से आया है, जिसे BNSS में इस तरह अद्यतन किया गया है कि अपराधों के लिए नई भारतीय दंड संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की धाराओं का संदर्भ दिया जाए और चोरी-संबंधी अपराधों की धनराशि सीमा वर्तमान मूल्यों के अनुसार बढ़ाकर बीस हज़ार रुपये कर दी जाए।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: यह कहना ग़लत है कि संक्षिप्त सुनवाई में कोई सबूत देखा ही नहीं जाता।

    तथ्य: संक्षिप्त सुनवाई में भी साक्ष्य दर्ज होता है और निर्णय दिया जाता है; बस प्रक्रिया छोटी और सरल होती है, तथा अधिकतम सज़ाएँ कम होती हैं।