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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 282

Power of Court to convert summonscases into warrant-cases

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

भारतीय दंड प्रक्रिया में दो प्रकार की सुनवाई-पद्धतियाँ हैं: मामूली ‘समंस-प्रकरण’ के लिए सरल व त्वरित तरीका, और गंभीर ‘वारंट-प्रकरण’ के लिए औपचारिक आरोप-निर्धारण वाली विस्तृत प्रक्रिया। कभी-कभी प्रकरण की असली प्रकृति सुनवाई शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होती है—जैसे किसी चिकित्सकीय रिपोर्ट से प्रारम्भिक अनुमान से अधिक गंभीर चोट का पता चलना। यह प्रावधान मजिस्ट्रेट को सुनवाई के बीच में रास्ता सही करने की अनुमति देता है, ताकि अभियुक्त को अधिक गंभीर आरोप की मांग के अनुरूप व्यापक प्रक्रियात्मक सुरक्षा मिल सके।