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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 393

Language and contents of judgment

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

निर्णय केवल परिणाम नहीं है — वह एक तर्कपूर्ण व्याख्या है जो अभियुक्त, जनसाधारण, और अपीलीय न्यायालयों को यह समझने देती है कि निर्णय क्यों और किस विधि के तहत लिया गया। अपराध, तर्क, और कड़ी सजाओं (विशेषकर मृत्युदंड) के लिए अतिरिक्त औचित्य के बारे में स्पष्टता की अनिवार्यता मनमाने या अपारदर्शी निर्णय से रक्षा करती है और भविष्य की किसी भी अपील के लिए ठोस अभिलेख तैयार करती है।

न्यायालय इसे कैसे पढ़ते हैं

न्यायालयों ने बार-बार रेखांकित किया है कि निर्णय में कारण—और विशेषकर मृत्युदंड के लिए विशेष कारण—महज औपचारिकता नहीं हैं; वे इसलिए अनिवार्य हैं ताकि अपीलीय या पुनरीक्षण न्यायालय यह परख सके कि सजा तथ्यात्मक आधार पर न्यायोचित थी, न कि केवल विचारण न्यायालय के निष्कर्ष का अनुमोदन।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: यह कथन गलत है कि न्यायाधीश केवल यह कहकर कि व्यक्ति अत्यंत गंभीर अपराध का दोषी है, मृत्युदंड सुना सकता है।

    तथ्य: यह अनुभाग अपेक्षा करता है कि निर्णय में विशेष, अतिरिक्त कारण दिए जाएँ, जो यह पृथक रूप से न्यायोचित ठहराएँ कि आजीवन कारावास जैसे कम दंड के बजाय मृत्युदंड ही क्यों चुना गया।