Skip to content
सं Samvidhan

The Constitution of India

अनुच्छेद 239

संघ राज्यक्षेत्रों का प्रशासन

संघ राज्यक्षेत्रों का प्रशासन— (1) संसद् द्वारा बनाई गई विधि द्वारा यथा अन्यथा उपबंधित के सिवाय, प्रत्येक संघ राज्यक्षेत्र का प्रशासन राष्ट्रपति द्वारा किया जाएगा, और वह अपने द्वारा ऐसे पदाभिधान सहित, जो वह विनिर्दिष्ट करे, नियुक्त किए गए प्रशासक के माध्यम से उस मात्रा तक कार्य करेगा जितनी वह ठीक समझता है । (2) भाग 6 में किसी बात के होते हुए भी, राष्ट्रपति किसी राज्य के राज्यपाल को किसी निकटवर्ती संघ राज्यक्षेत्र का प्रशासक नियुक्त कर सकेगा और जहां कोई राज्यपाल इस प्रकार नियुक्त किया जाता है वहां वह ऐसे प्रशासक के रूप में अपने कृत्यों का प्रयोग अपनी मंत्रि-परिषद् से स्वतंत्र रूप से करेगा ।]

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

भारत के केंद्रशासित प्रदेश छोटे और विविध क्षेत्र हैं (चंडीगढ़, अंडमान एवं निकोबार, लक्षद्वीप आदि), जिन्हें पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं है। संविधान निर्माताओं ने इन पर सीधे नियंत्रण के लिए राष्ट्रपति के माध्यम से केंद्र सरकार को अधिकार दिया, क्योंकि अनेक क्षेत्र नये जुड़े थे, सामरिक दृष्टि से संवेदनशील थे, या पूर्ण राज्य सरकार चलाने के लिए बहुत छोटे थे। अनुच्छेद 239 प्रशासनिक दक्षता भी सुनिश्चित करता है, क्योंकि यह किसी पड़ोसी राज्य के राज्यपाल को ही प्रशासक के रूप में दायित्व सौंपने की अनुमति देता है, जिससे चंडीगढ़ जैसे छोटे प्रदेशों के लिए अलग अधिकारी नियुक्त करने की आवश्यकता नहीं रहती।

न्यायालय इसे कैसे पढ़ते हैं

अदालतों ने प्रायः अनुच्छेद 239 के मूल पाठ का पुनर्व्याख्यान करने के बजाय इसे सम्बद्ध प्रावधानों के साथ कैसे फिट बैठता है, यह स्पष्ट किया है। दिल्ली से जुड़े मामलों में (जिस पर विशेष अनुच्छेद 239AA लागू है), सर्वोच्च न्यायालय ने—NCT of Delhi v. Union of India (2018) सहित—अनुच्छेद 239 के अंतर्गत सामान्य केंद्रशासित प्रदेशों और दिल्ली की विशिष्ट आंशिक रूप से निर्वाचित संरचना में भेद रेखांकित किया, यह ठहराते हुए कि दिल्ली के प्रशासक (उपराज्यपाल) को सामान्यतः उसकी मंत्रिपरिषद की सहायता और सलाह पर कार्य करना होगा, जबकि अन्य केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासक सीधे राष्ट्रपति को रिपोर्ट करते हैं।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: यह कहना गलत है कि सभी केंद्रशासित प्रदेश बिल्कुल एक ही तरीके से चलाए जाते हैं; उनमें भिन्नताएँ मौजूद हैं।

    तथ्य: अनुच्छेद 239 सामान्य डिफ़ॉल्ट नियम तय करता है, पर संसद विशेष प्रदेशों के लिए अलग व्यवस्थाएँ बना सकती है और बनाती भी है—जैसे दिल्ली (अनुच्छेद 239AA) और पुडुचेरी (अनुच्छेद 239A), जिनकी अपनी विधानसभाएँ और निर्वाचित सरकारें हैं।

  • मिथक: किसी केंद्रशासित प्रदेश के प्रशासक के रूप में कार्य करते समय राज्यपाल को उसी राज्य की मंत्रिपरिषद की सलाह का पालन करना अनिवार्य है—यह कथन गलत है।

    तथ्य: अनुच्छेद 239(2) स्पष्ट रूप से कहता है कि जब कोई राज्यपाल किसी लगते हुए केंद्रशासित प्रदेश का प्रशासक होता है, तो वह अपने राज्य की मंत्रिपरिषद से स्वतंत्र होकर कार्य करता है।