The Constitution of India
अनुच्छेद 238
repealedApplication of provisions of Part VI to States in Part B of the First Schedule
Omitted by the Constitution (Seventh Amendment) Act, 1956, s. 29and Sch. (w.e.f. 1-11-1956).
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
अनुच्छेद 238 मूलतः राज्य सरकारों के सामान्य नियमों (जो संविधान के भाग VI में हैं) को ‘भाग B राज्यों’ तक विस्तारित करता था — यह वह श्रेणी थी जिसमें मैसूर, हैदराबाद आदि जैसे पूर्व रियासती राज्य शामिल थे जो स्वतंत्रता के बाद भारत में विलय हुए थे। जैसे-जैसे भारत एक अधिक एकरूप राज्य-व्यवस्था की ओर बढ़ा, States Reorganisation Act, 1955 और सातवां संवैधानिक संशोधन, 1956 ने भाग A/भाग B/भाग C राज्यों का वर्गीकरण पूरी तरह समाप्त कर दिया। जब ‘भाग B राज्य’ रहे ही नहीं, तो अनुच्छेद 238 निरर्थक हो गया और औपचारिक रूप से हटा दिया गया।
आम गलतफहमियाँ
मिथक: अनुच्छेद 238 आज भी कुछ भारतीय राज्यों पर लागू होता है।
तथ्य: इसे 1956 में संविधान से पूरी तरह हटा दिया गया था और अब इसका कोई विधिक प्रभाव नहीं है।
मिथक: अनुच्छेद 238 को किसी न्यायालय ने असंवैधानिक बताकर रद्द नहीं किया था।
तथ्य: इसे संसद ने न्यायिक निर्णय से नहीं, बल्कि एक संवैधानिक संशोधन के माध्यम से (Seventh Amendment Act, 1956) हटाया था।