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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 155

Penalty for failure to comply with section 154

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह प्रावधान भारतीय आपराधिक प्रक्रिया की एक दीर्घकालिक विशेषता (पहले दंड प्रक्रिया संहिता में) को आगे बढ़ाता है, जो मजिस्ट्रेट द्वारा जारी सशर्त आदेशों से संबंधित है—आम तौर पर सार्वजनिक उपद्रव, मार्ग अवरोध, या त्वरित कार्रवाई चाहने वाली आपात स्थितियों में प्रयुक्त। कानून व्यक्ति को पालन करने या आपत्ति दर्ज करने का समय देता है, पर यदि वह आदेश की बस अनदेखी कर दे, तो उसका परिणाम होना चाहिए। धारा 155 वही परिणाम तय करती है: आपराधिक दंड, साथ ही आदेश को अंतिम बना देना—ताकि मजिस्ट्रेटीय निर्देश निष्प्रभावी न रहें।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: धारा 154 के तहत मजिस्ट्रेट के सशर्त आदेश की अनदेखी करने से वह आदेश अपने-आप खत्म हो जाता है।

    तथ्य: वस्तुतः अनदेखी करने से वही आदेश स्थायी हो जाता है और भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के अंतर्गत आपराधिक दायित्व भी जुड़ जाता है।