The Constitution of India
अनुच्छेद 394
प्रारंभ
सत्यापन प्रतीक्षित
प्रारंभ— यह अनुच्छेद और अनुच्छेद 5, 6, 7, 8, 9, 60, 324, 366, 367, 379, 380, 388, 391, 392 और 393 तुरन्त प्रवृत्त होंगे और इस संविधान के शेष उपबंध 26 जनवरी, 1950 को प्रवृत्त होंगे जो दिन इस संविधान में इस संविधान के प्रारंभ के रूप में निर्दिष्ट किया गया है ।
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
संविधान सभा ने 26 नवम्बर 1949 को संविधान का निर्माण पूरा कर उसे अंगीकृत किया, पर निर्माताओं ने पूरे दस्तावेज़ को औपचारिक रूप से एक सांकेतिक रूप से महत्त्वपूर्ण तिथि — 26 जनवरी — से प्रारम्भ करने का निश्चय किया, जिसे 1930 से ‘पूर्ण स्वराज’ (Purna Swaraj) दिवस के रूप में मनाया जा रहा था। किन्तु कुछ प्रावधान (जैसे नागरिकता की परिभाषा, निर्वाचन आयोग की स्थापना, और राष्ट्रपति के पद-शपथ की व्यवस्था) तुरंत प्रभाव में आना आवश्यक थे, ताकि नई सरकार की मशीनरी — चुनाव, प्रथम राष्ट्रपति, नागरिकता की स्थिति — गणतंत्र दिवस पर पूरे संविधान के सुचारु रूप से लागू होने तक समय पर तैयार की जा सके।
आम गलतफहमियाँ
मिथक: भारतीय संविधान 26 नवम्बर 1949 को लागू हुआ — यह कथन गलत है।
तथ्य: 26 नवम्बर 1949 वह तिथि है जब संविधान को संविधान सभा ने अंगीकृत कर हस्ताक्षर किए, पर उसके अधिकांश प्रावधान विधिक रूप से बाद में, 26 जनवरी 1950 को, अनुच्छेद 394 के अनुसार, प्रारम्भ हुए।
मिथक: यह कथन गलत है कि 26 जनवरी 1950 को गणतंत्र दिवस के रूप में यूँ ही बिना किसी कारण चुना गया था।
तथ्य: यह तिथि जानबूझकर चुनी गई थी क्योंकि 26 जनवरी 1930 से ही ‘पूर्ण स्वराज दिवस’ (Purna Swaraj Day) के रूप में मनाई जाती रही, जो भारत के पूर्ण स्वतंत्रता के संकल्प का प्रतीक थी।