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सं Samvidhan

The Constitution of India

अनुच्छेद 393

संक्षिप्त नाम

संक्षिप्त नाम— इस संविधान का संक्षिप्त नाम भारत का संविधान है ।

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

हर बड़े विधिक दस्तावेज़ के लिए एक छोटा, आधिकारिक नाम होना ज़रूरी होता है, ताकि उसका उल्लेख क़ानूनों, न्यायालयों और रोज़मर्रा की बातचीत में आसानी से किया जा सके, लंबा वर्णन देने की बजाय। अनुच्छेद 393 एक मानक प्रारूपण परंपरा है (साधारण संसद अधिनियमों में मिलने वाले ‘संक्षिप्त शीर्षक’ [short title] क्लॉज़ के समान), जिसे संविधान सभा ने 26 January 1950 को प्रवर्तन के समय दस्तावेज़ का औपचारिक नामकरण करने के लिए शामिल किया।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: यह कहना गलत है कि अनुच्छेद 393 कोई विशेष शक्ति या अधिकार प्रदान करता है, केवल इसलिए कि वह संविधान के कार्यकारी (operative) अनुच्छेदों का हिस्सा है।

    तथ्य: यह न तो कोई अधिकार, न कर्तव्य, न शक्ति निर्मित करता है। यह पूरी तरह नामकरण संबंधी प्रावधान है, जो अधिकांश साधारण क़ानूनों की शुरुआत में मिलने वाले ‘संक्षिप्त शीर्षक’ [short title] क्लॉज़ के समान है।