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सं Samvidhan

Indian Penal Code, 1860

धारा 359

repealed

Kidnapping

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह धारा एक परिभाषात्मक संकेतक है जो अगली धाराओं (360 और 361) में परिभाषित दो विशिष्ट अपराधों की रूपरेखा तय करती है। इसका उद्देश्य स्पष्ट विधिक संरचना देना है ताकि बाद की दंड-सम्बंधी धाराएँ सटीक परिभाषाओं का संदर्भ ले सकें। Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 भी अपहरण के लिए इसी दो-श्रेणी संरचना को बनाए रखती है।

न्यायालय इसे कैसे पढ़ते हैं

अदालतें इसे शुद्धतः परिभाषात्मक मानती हैं और इसे हमेशा धाराओं 360 और 361 के साथ पढ़ती हैं, जो प्रत्येक प्रकार का वास्तविक आशय स्पष्ट करती हैं।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: भारतीय कानून में अपहरण का अर्थ किसी भी ऐसी स्थिति से है जहाँ किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध कहीं ले जाया जाए।

    तथ्य: कानूनी रूप से ‘अपहरण’ का मतलब सिर्फ ये दो विशेष स्थितियाँ हैं; किसी व्यक्ति को बलपूर्वक कहीं ले जाने के अन्य मामलों को अलग से परिभाषित ‘अपहरण-जन्य ले जाना (abduction)’ कहा जाता है।