Indian Penal Code, 1860
धारा 304
repealedPunishment for culpable homicide not amounting to murder
Whoever commits culpable homicide not amounting to murder shall be punished with imprisonment for life, or imprisonment of either description for a term which may extend to ten years, and shall also be liable to fine, if the act by which the death is caused is done with the intention of causing death, or of causing such bodily injury as is likely to cause death;
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
यह धारा उन हत्याओं को दंडित करती है जो कानूनी अपवादों के कारण हत्या की श्रेणी से नीचे आ जाती हैं—जैसे गंभीर और आकस्मिक उकसावा, या आत्मरक्षा के अधिकार का अतिक्रमण—पर जिनमें फिर भी मृत्यु का इरादा या प्राणघातक प्रकार की चोट पहुँचाने का इरादा सम्मिलित था। यह हत्या के लिए आरक्षित संभावित मृत्युदंड के स्थान पर कठोर परंतु अधिक संतुलित दंड का प्रावधान करती है। भारतीयर न्याया संहिता, 2023 (Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023) में यह अपराध पुन: संख्यांकित धारा के अंतर्गत जारी है।
न्यायालय इसे कैसे पढ़ते हैं
अदालतों ने बार-बार इस धारा का प्रयोग उन मामलों में किया है जहाँ अभियुक्त गंभीर और आकस्मिक उकसावे के अधीन कार्य करता है, या बिना पूर्वचिन्तन के अचानक हुए झगड़े में, जिससे जो आचरण देखने में हत्या लग सकता था वह, यदि हत्या के विशिष्ट कानूनी अपवाद तथ्यतः सिद्ध हों, तो इस हल्की श्रेणी में आ जाता है; मुख्य पड़ताल प्रायः यह होती है कि कृत्य के पीछे का इरादा या ज्ञान तथा आस-पास की परिस्थितियाँ, सामान्य नियम (कि दोषपूर्ण मानव वध हत्या है) के बजाय किसी अपवाद में समाहित होती हैं या नहीं।