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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 344

Power to direct tender of pardon

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह प्रावधान क्षमा देने की शक्ति को अन्वेषण व जाँच के चरण से आगे बढ़ाकर स्वयं विचारण न्यायालय तक विस्तारित करता है, ताकि यदि सहअपराधी की गवाह के रूप में उपयोगिता के बारे में नई जानकारी केवल कमिटल के बाद ही सामने आए, तो भी विचारण उस साक्ष्य से वंचित न रहे।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: केवल अन्वेषण के दौरान मजिस्ट्रेट ही ऐसी क्षमा दे सकते हैं; विचारण न्यायालय कभी नहीं दे सकता।

    तथ्य: यह धारा विशेष रूप से उस न्यायालय को, जिसे मामला कमिट किया गया है, वही शर्तों पर, निर्णय से पहले कभी भी, क्षमा देने की अनुमति देती है।