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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 246

What persons may be charged jointly

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

जब एक ही आपराधिक प्रकरण में अनेक लोग शामिल हों — सह‑अपराधी, उकसाने/सहायता करने वाले, या उसी सामान्य अपराध से निकली चोरी की संपत्ति के रिसीवर — तो उन्हें एक ही कार्यवाही में साथ परखने से एक ही साक्ष्य को बार‑बार दोहराने की जरूरत नहीं पड़ती और न्यायालय अपराध के घटित होने की पूरी तस्वीर देख पाता है, बजाय इसके कि एक जुड़ी हुई कथा को कई अलग‑थलग मुकदमों में बाँट दिया जाए।

न्यायालय इसे कैसे पढ़ते हैं

संबद्ध पूर्ववर्ती प्रावधान (CrPC धारा 223) के अंतर्गत, न्यायालयों ने संयुक्त मुकदमे को मुख्यतः सुविधा का उपाय माना है, जिसका उद्देश्य बहुतेरे कार्यवाहियों से बचना और जुड़े तथ्यों पर परस्पर टकराते फैसलों की आशंका कम करना है; साथ ही, यदि संयुक्त मुकदमा किसी अभियुक्त के लिए वास्तविक पूर्वाग्रह उत्पन्न करे, तो पृथक मुकदमों का आदेश देने की अनुमति भी बनी रहती है।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: केवल वही लोग जिन्हें बिलकुल एक ही अपराध को साथ‑साथ सीधे तौर पर करने का आरोप है, संयुक्त रूप से परखे जा सकते हैं।

    तथ्य: यह अनुभाग उन व्यक्तियों का भी संयुक्त मुकदमा अनुमति देता है जिन पर आपस में संबंधित परंतु भिन्न अपराधों का आरोप है—जैसे मूल चोर और वह व्यक्ति जिसने बाद में जानते‑बूझते वही चुराया माल प्राप्त किया—बशर्ते वे सब एक ही आधारभूत लेन‑देन से जुड़े हों।