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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 245

When offence proved included in offence charged

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह धारा उस अन्याय से बचाती है जिसमें केवल इसलिए अभियुक्त पूरी तरह छूट जाए कि अभियोजन अधिक गम्भीर आरोप के हर अवयव को सिद्ध नहीं कर सका, जबकि साक्ष्य स्पष्ट रूप से एक कम, संबंधित अपराध स्थापित करता है। यह न्यायालय को उसी तक सीमित रखता है जो मुक़दमे में वस्तुतः सिद्ध हुआ है, साथ ही उन प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपायों (जैसे आवश्यक स्वीकृति) का सम्मान भी करता है जो किसी भी अपराध के लिए अनिवार्य हैं।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: अभियुक्त को केवल उसी अपराध में दोषसिद्ध किया जा सकता है जो मूल अभियोग-पत्र में लिखित है।

    तथ्य: यदि साक्ष्य किसी निहित कम अपराध को सिद्ध करें, या अपराध को घटाकर कम अपराध बना दें, या केवल प्रयास ही सिद्ध हो, तो अभियुक्त को अलग से आरोप लगाए बिना भी उस कम अपराध या प्रयास में दोषसिद्ध किया जा सकता है।