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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 149

Use of armed forces to disperse assembly

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह प्रावधान लगभग शब्दशः पुराने दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 131 की निरंतरता है, जिसकी जड़ें उपनिवेशकालीन जन‑व्यवस्था कानून में थीं। यह केवल अति‑विशिष्ट हालात — दंगे, व्यापक हिंसा, या विद्रोह‑सदृश अवैध जमावड़ों — के लिए है, जब साधारण पुलिस भीड़ पर काबू नहीं कर पाती और नागरिक प्राधिकार को व्यवस्था बहाल करने के लिए वास्तव में सैन्य बल की आवश्यकता होती है। सुरक्षा‑उपाय (मजिस्ट्रेट की उपस्थिति, आवश्यकता की कसौटी, न्यूनतम‑बल का नियम) इसलिए बनाए गए कि निरंकुश सैन्य बल का नागरिकों पर प्रयोग इतिहास में त्रासदियाँ लाया है; कानून ऐसे अधिकार को नागरिक मजिस्ट्रेटी नियंत्रण और अनुपातिकता की सीमा में बाँध कर रखता है।

न्यायालय इसे कैसे पढ़ते हैं

इस विशेष प्रावधान (या इसके दण्ड प्रक्रिया संहिता के पूर्ववर्ती धारा 131) की विस्तृत व्याख्या पर कोई प्रमुख सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय प्रचुर रूप से उपलब्ध नहीं है, क्योंकि इसका प्रयोग विरल है और प्रायः 1919 के जलियांवाला बाग गोलीकांड जैसे ऐतिहासिक प्रसंगों के संदर्भ में चर्चा होती है (जो इस वैधानिक रूपरेखा से पहले का था पर नागरिकों के विरुद्ध सैन्य बल को लेकर जन‑चेतना और न्यायिक संवेदनशीलता को आकार देता है)। न्यायालय और विद्वान सामान्यतः, स्वयं पाठ के अनुरूप, इस बात पर बल देते हैं कि यह शक्ति अंतिम उपाय है, मजिस्ट्रेट की वास्तविक उपस्थिति और आवश्यकता के आकलन पर निर्भर है, और ‘जमावड़े को तितर‑बितर करने के अनुकूल’ सीमा से परे सशस्त्र बलों द्वारा किया गया अतिशय बल कानूनी दायित्व को जन्म दे सकता है।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: सेना को किसी भी विरोध या भीड़ के अवसर पर बुलाया जा सकता है।

    तथ्य: कानून तभी इसकी अनुमति देता है जब जमावड़ा अवैध हो, सामान्य उपायों से न हटाया जा सके, और जन‑सुरक्षा वास्तव में इसकी मांग करे — यह अंतिम उपाय है, कोई नियमित औजार नहीं।

  • मिथक: एक बार बुलाने पर सैनिक भीड़ हटाने के लिए अपनी मनचाही कोई भी मात्रा में बल प्रयोग कर सकते हैं।

    तथ्य: कानून स्पष्ट रूप से अधिकारी पर यह दायित्व रखता है कि वह जमावड़े को तितर‑बितर करने और गिरफ्तारियाँ सुनिश्चित करने के अनुकूल सीमा में लोगों और संपत्ति को न्यूनतम क्षति पहुँचाते हुए न्यूनतम बल का ही प्रयोग करे।