Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023
धारा 139
Contents of bond
The bond or bail bond to be executed by any such person shall bind him to keep the peace or to be of good behaviour, as the case may be, and in the latter case the commission or attempt to commit, or the abetment of, any offence punishable with imprisonment, wherever it may be committed, is a breach of the bond or bail bond.
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
यह प्रावधान भारतीय दंड प्रक्रिया की एक दीर्घकालिक विशेषता (पहले दंड प्रक्रिया संहिता में विद्यमान) को आगे बढ़ाता है, जिसका उद्देश्य संभावित अशांतिप्रद व्यक्तियों को वित्तीय बंधपत्र के सहारे अच्छे आचरण का वचन दिलवाकर हानि पहुँचाने से रोकना है। यह बताता है कि ऐसे बंधपत्र का ‘उल्लंघन’ क्या है — इसे कारावास से दंडनीय किसी भी अपराध के किए जाने, उसके प्रयास, या उसके उकसावे/सहायता से सीधा जोड़कर — ताकि यह स्पष्ट रहे कि बंधपत्र कब जब्त होगा या जमानत कब रद्द की जा सकती है।
आम गलतफहमियाँ
मिथक: यह कहना कि ‘अच्छे आचरण’ का बंधपत्र केवल उसी क्षेत्र में किए गए कर्मों पर लागू होता है जहाँ वह साइन हुआ था — गलत है।
तथ्य: कानून कहता है कि अपराध कहीं भी किया गया हो — स्थान इस बात को सीमित नहीं करता कि बंधपत्र कब टूटा माना जाएगा।
मिथक: केवल अपराध को पूरी तरह पूरा कर देना ही बंधपत्र तोड़ता है — यह कथन गलत है।
तथ्य: कारावास से दंडनीय अपराध का केवल प्रयास करना, या किसी अन्य को उसे करने के लिए उकसाना/सहायता करना भी उल्लंघन माना जाता है।