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सं Samvidhan

Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023

धारा 186

Prohibition of fictitious stamps

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह प्रावधान डाक प्रणाली की अखंडता की रक्षा करता है, जो ऐतिहासिक रूप से सरकार द्वारा जारी टिकटों पर डाक-शुल्क के प्रमाण के रूप में निर्भर रही है। नकली टिकट डाक-राजस्व को क्षति पहुँचा सकते हैं और डाक-वितरण पर जन-विश्वास को कमजोर कर सकते हैं। यह विधि औपनिवेशिक काल के भारतीय दंड संहिता में डाक व टिकट संबंधी अपराधों से विकसित होकर भारतीय न्याय संहिता, 2023 में आधुनिक क्रमांकन के साथ आई है, यद्यपि दंड की राशि जानबूझकर मामूली रखी गई है क्योंकि क्षति प्रायः वित्तीय और लघु होती है, न कि हिंसक या गम्भीर।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: नकली डाक टिकट बनाना एक गम्भीर अपराध है जिसमें जेल होती है।

    तथ्य: इस विशेष धारा के तहत दंड केवल अधिकतम ₹200 का जुर्माना है; कारावास का कोई प्रावधान नहीं है।

  • मिथक: दंडित होने के लिए आपको वास्तव में नकली टिकट का उपयोग करना आवश्यक है।

    तथ्य: बिना वैध कानूनी कारण के केवल नकली टिकट का कब्जा रखना, या उसे बनाने के औज़ार अपने पास रखना, स्वयं में ही अपराध है।