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सं Samvidhan

Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023

धारा 185

Erasure of mark denoting that stamp has been used

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

सरकारी राजस्व टिकट (दस्तावेजों, विधिक कागज़ात आदि पर प्रयुक्त) एक बार लग जाने पर उन पर निशान या रद्दीकरण कर दिया जाता है, ताकि उन्हें दोबारा लगाकर पुनः शुल्क चुकाने से बचा न जा सके। यह प्रावधान, जो पुराने Indian Penal Code की धारा 262 से लिया गया है, सरकारी राजस्व की रक्षा करता है और उन चालों को अपराध घोषित करता है जिनसे प्रयुक्त टिकट को नया और पुनः प्रयोज्य दिखाया जाए, ताकि स्टाम्प शुल्क से बचकर राजकोष को धोखा दिया जा सके।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: केवल वही व्यक्ति दंडित किया जा सकता है जो चिन्ह मिटाता है।

    तथ्य: कानून उन लोगों को भी दंडित करता है जो जानबूझकर ऐसे टिकट को अपने पास रखें, बेचें या आगे बढ़ाएँ जिसका चिन्ह मिटाया गया हो, या ऐसा टिकट जिसके पहले से प्रयुक्त होने की उन्हें जानकारी हो — भले ही उन्होंने स्वयं वह चिन्ह न मिटाया हो।

  • मिथक: यह केवल डाक टिकटों पर लागू होता है।

    तथ्य: यह सरकार द्वारा राजस्व उद्देश्यों के लिए जारी किसी भी स्टाम्प पर लागू होता है, जैसे विधिक दस्तावेजों और स्टाम्प शुल्क के लिए प्रयुक्त स्टाम्प — केवल डाक टिकटों तक सीमित नहीं।