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सं Samvidhan

Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023

धारा 187

Person employed in mint causing coin to be of different weight or composition from that

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

सिक्कों का मूल्य इसलिए है क्योंकि सरकार उनके सटीक वज़न और धातु-सामग्री की गारंटी देती है। यदि टकसाल के अंदरूनी लोग गुप्त रूप से इन विनिर्देशों में फेरबदल करें, तो वे धातु चुराकर लाभ कमा सकते हैं या मुद्रा का अवमूल्यन कर सकते हैं, जिससे स्वयं धन में सार्वजनिक भरोसा डगमगा जाएगा। यह प्रावधान, ब्रिटिश काल के Indian Penal Code की धारा 246 से प्राप्त होकर Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 में सम्मिलित है, और बाहरी जालसाज़ों पर लागू अलग व्यवस्थाओं से भिन्न, विशेष रूप से इस अंदरूनी खतरे को निशाना बनाता है।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: यह कानून केवल बाहरी लोगों पर लागू होता है जो सिक्के जाली बनाते हैं।

    तथ्य: यह धारा विशेष रूप से टकसाल के कर्मचारियों—अंदरूनी लोगों—को निशाना बनाती है जो अपने पद का दुरुपयोग करके सिक्कों का वज़न या संरचना बदलते हैं; यह उन सामान्य जालसाजी के कानूनों से भिन्न है जो बाहरी लोगों पर लागू होते हैं।

  • मिथक: टकसाल कर्मचारी की ईमानदार भूल को भी इस कानून के तहत दंडित किया जाएगा।

    तथ्य: कानून ‘उद्देश्य’ (intention) की मांग करता है कि सिक्का कानूनी मानक से भिन्न करने का इरादा हो; अतः बिना इरादे की आकस्मिक भूलें इस धारा के तहत नहीं आएंगी (सरल रूप में)।