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सं Samvidhan

Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023

धारा 153

Waging war against Government of any foreign State at peace with Government of

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह उपबंध (पुराने Indian Penal Code की धारा 125 से स्थानांतरित) इसलिए है क्योंकि एक सर्वभौम राष्ट्र के रूप में भारत को अपने विदेश संबंधों पर नियंत्रण बनाए रखना होता है। यदि भारत के भीतर निजी व्यक्ति या समूह मित्रतापूर्ण विदेशी देशों पर स्वतंत्र रूप से आक्रमण कर सकें या उकसा सकें, तो पूरा देश अनचाहे संघर्ष में घसीटा जा सकता है, कूटनीतिक संबंध क्षतिग्रस्त हो सकते हैं, और युद्ध व शांति पर सरकार के विशिष्ट अधिकार को ठेस पहुँच सकती है। यह कानून सुनिश्चित करता है कि युद्ध से जुड़े निर्णय राज्य द्वारा लिए जाएँ, न कि निजी व्यक्तियों द्वारा।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: आपको तभी दंडित किया जा सकता है जब युद्ध वास्तव में हो जाए या सफल हो—यह कथन सही नहीं है।

    तथ्य: क़ानून प्रयास को भी, और किसी दूसरे के प्रयास में केवल सहायता (उकसावा/सहायता) करने को भी दंडित करता है, चाहे वास्तविक युद्ध छिड़ा ही न हो।

  • मिथक: यह केवल भारत पर होने वाले हमलों पर लागू होता है—यह कथन गलत है।

    तथ्य: यह धारा विशेष रूप से ऐसे विदेशी देश के विरुद्ध युद्ध छेड़ने से संबंधित है जो भारत के साथ शांति में है; यह भारत के विरुद्ध युद्ध के बारे में नहीं है।