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सं Samvidhan

Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023

धारा 154

Committing depredation on territories of foreign State at peace with Government of

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह उपबंध (पुराने Indian Penal Code की धारा 126 से आगे बढ़ाया गया, जिसका स्रोत 19वीं सदी के औपनिवेशिक कानून में है) भारत के भीतर के निजी व्यक्तियों या समूहों को पड़ोसी या दूरस्थ मैत्रीपूर्ण देशों पर बिना अधिकार के हमले, धावे या लूट अभियान शुरू करने से रोकने के लिए है। ऐसे कृत्य भारत सरकार को अवांछित कूटनीतिक टकराव में घसीट सकते हैं, राज्य की निष्पक्षता (state neutrality) से जुड़े अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कर सकते हैं, और भारत के विदेशी संबंधों को नुकसान पहुँचा सकते हैं। यह उस सिद्धांत को दर्शाता है कि किसी अन्य राष्ट्र के विरुद्ध युद्ध या आक्रामकता के कार्य केवल राज्य कर सकता है, निजी नागरिक नहीं।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: आपको तभी दंड मिलेगा जब आप सचमुच विदेशी क्षेत्र में घुस जाएँ और नुकसान पहुँचाएँ।

    तथ्य: कानून ऐसे धावे के लिए मात्र तैयारी को भी दंडित करता है, भले ही छापा कभी वास्तव में न हो पाए।

  • मिथक: यह कानून भारत पर विदेशी नागरिकों के हमलों के बारे में है।

    तथ्य: बिलकुल उल्टा — यह भारत में रहने वाले उन लोगों को दंडित करता है जो भारत के साथ शांति में रह रहे किसी विदेशी देश पर हमला करते हैं या हमले की योजना बनाते हैं।