The Constitution of India
अनुच्छेद 31D
repealedराष्ट्र विरोधी क्रियाकलाप के संबंध में विधियों की व्ययावृत्ति
सत्यापन प्रतीक्षित
राष्ट्र विरोधी क्रियाकलाप के संबंध में विधियों की व्ययावृत्ति।]-संविधान (तैंतालीसवां संशोधन) अधिनियम, 1977 की धारा 2 द्वारा (13-4-1978 से) लोप किया खंड (ग) में विनिर्दिष्ट सिद्धांतों” के स्थान पर प्रतिस्थापित । धारा 4 को उच्चतम न्यायालय द्वारा, मिनर्वा मिल्स लि0 और अन्य बनाम भारत संघ और अन्य ए.आई.आर. 1980 एस0सी0 1789 में अविधिमान्य घोषित कर दिया
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
अनुच्छेद 31D को Emergency के दौरान Constitution (Forty-second Amendment) Act, 1976 से जोड़ा गया था। इसने संसद को यह शक्ति दी कि यदि कोई कानून ‘विरोधी-राष्ट्र गतिविधियों’ या ‘विरोधी-राष्ट्र संघों’ से संबंधित बताया जाए, तो वह कुछ मूल अधिकारों (जैसे अनुच्छेद 14, 19 और 31 के अंतर्गत) को सीमित या समाप्त कर सके; ऐसे कानूनों को इन अधिकारों के उल्लंघन के आधार पर न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती थी। Emergency समाप्त होने और नई सरकार के आने के बाद, Forty-third Amendment Act, 1977 ने अत्यधिक केंद्रीकरण माने गए कई प्रावधानों को—जिनमें अनुच्छेद 31D भी शामिल था—हटा कर मूल अधिकारों की सुरक्षा का पूर्व संतुलन बहाल किया।
न्यायालय इसे कैसे पढ़ते हैं
क्योंकि अनुच्छेद 31D के तहत कोई कानून लागू नहीं हुआ या गंभीरता से परखा नहीं गया, इसके निहितार्थों की व्याख्या करने वाला उल्लेखनीय न्यायिक दृष्टांत विकसित नहीं हुआ। न्यायालयों ने इसका उल्लेख मुख्यतः 42वीं और 43वीं संशोधन-बहसों तथा आधारभूत संरचना (basic structure) सिद्धांत पर व्यापक विमर्श के ऐतिहासिक संदर्भ में किया है, विशेषकर Minerva Mills v. Union of India (1980) जैसे मामलों में, जिनमें 42वें संशोधन के संबंधित परिवर्तनों की वैधता की जांच हुई।
आम गलतफहमियाँ
मिथक: यह कथन गलत है: अनुच्छेद 31D अब संविधान का हिस्सा नहीं है और आज इसका उपयोग नहीं किया जा सकता।
तथ्य: इसे 43rd Amendment द्वारा 1977 में पूरी तरह निरस्त कर दिया गया, जो 13 April 1978 से प्रभावी है; इसलिए अब इसका कोई कानूनी प्रभाव नहीं है।
मिथक: यह कथन गलत है: अनुच्छेद 31D कोई स्थायी, शांतिकाल में गंभीर बहस से पारित प्रावधान नहीं था।
तथ्य: यह Emergency (1976) के दौरान 42nd Amendment से जोड़ा गया था और लोकतांत्रिक प्रक्रियाएँ पुनः सामान्य होने पर किए गए कई Emergency-कालीन बदलावों में से एक था जिसे बाद में उलट दिया गया।