Skip to content
सं Samvidhan

Indian Penal Code, 1860

धारा 53A

repealed

Construction of reference to transportation

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

ब्रिटिश शासन के दौरान ‘ट्रांसपोर्टेशन’ का मतलब दोषियों को दंड-उपनिवेशों में भेजना था — सबसे प्रसिद्ध अंडमान द्वीपों की सेल्युलर जेल (‘काला पानी’)। स्वतंत्रता के बाद, भारत ने दण्ड प्रक्रिया संहिता (संशोधन) अधिनियम, 1955 के माध्यम से यह प्रथा समाप्त कर दी। भारतीय दण्ड संहिता में धारा 53A जोड़ी गई ताकि पुराने फ़ैसलों, क़ानूनों और कानूनी दस्तावेज़ों में ‘ट्रांसपोर्टेशन’ के सभी संदर्भ अपने आप आधुनिक अर्थ में समझे जाएँ — या तो आजन्म कारावास के रूप में या साधारण/कठोर कारावास के रूप में — और हर पुराने क़ानून को फिर से लिखने या हर पुराने मामले को फिर से खोलने की ज़रूरत न पड़े।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: यह कहना गलत है कि ट्रांसपोर्टेशन का अर्थ बिना कारावास केवल किसी दूसरे देश को निर्वासित कर देना था।

    तथ्य: सही अर्थ यह है कि ट्रांसपोर्टेशन स्वयं कारावास का ही रूप था — दोषियों को दंड-उपनिवेशों (जैसे अंडमान द्वीप) में कठोर श्रम करवाने भेजा जाता था, मात्र देश से बाहर निकाल देना नहीं।

  • मिथक: यह कहना गलत है कि धारा 53A कोई नई सजा बनाती है।

    तथ्य: यह कुछ नया निर्मित नहीं करती — यह केवल मौजूदा क़ानूनों और पुराने निर्णयों में ‘ट्रांसपोर्टेशन’ के संदर्भों को पुनर्व्याख्यायित करती है, और उन्हें आधुनिक समकक्षों जैसे आजन्म कारावास या कठोर कारावास में रूपांतरित कर देती है।