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सं Samvidhan

Indian Penal Code, 1860

धारा 509

repealed

Word, gesture or act intended to insult the modesty of a woman

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह प्रावधान ऐसे यौन उत्पीड़न को संबोधित करता है जिसमें शारीरिक स्पर्श शामिल नहीं होता—जैसे अश्लील टिप्पणियाँ, आपत्तिजनक संकेत, अभद्र प्रदर्शन, या किसी स्त्री की निजी जगह की जासूसी—परंतु जो फिर भी उसकी गरिमा और सुरक्षा-बोध का उल्लंघन करते हैं। यह मान्यता दर्शाता है कि मौखिक, सांकेतिक और दृश्य उत्पीड़न, साथ ही निजता में दखल, बिना शारीरिक संपर्क के भी अत्यंत अपमानजनक हो सकते हैं और आपराधिक दंड के योग्य हैं। भारतीय दंड संहिता-नवीन (Bharatiya Nyaya Sanhita), 2023 में भी ऐसा ही अपराध समाहित है, जिसे सामान्यतः BNS की धारा 79 के अनुरूप समझा जाता है, और जो 1 July 2024 से प्रभावी है।

न्यायालय इसे कैसे पढ़ते हैं

अदालतों ने सामान्यतः माना है कि इस अपराध के लिए किसी स्त्री की लज्जा का अपमान करने का विशिष्ट आशय आवश्यक है, और यह भी स्वीकार किया है कि पीछा करना, सहमति के बिना फ़ोटोग्राफ़ लेना, या सार्वजनिक स्थान पर किसी स्त्री की ओर अश्लील संकेत करना—विशेषकर जब आचरण बार‑बार हो या स्पष्ट रूप से उसी को निशाना बनाए—तो इस धारा के तहत दायित्व आकर्षित कर सकता है।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: यह धारा केवल शारीरिक स्पर्श या हमला पर लागू होती है—यह कथन गलत है।

    तथ्य: यह धारा विशेष रूप से उन गैर‑शारीरिक कृत्यों—शब्द, ध्वनियाँ, संकेत, वस्तु दिखाना, या निजता में दखल—को कवर करती है, जो किसी स्त्री की लज्जा का अपमान करने के आशय से किए गए हों।