Indian Penal Code, 1860
धारा 490
repealedBreach of contract of service during voyage or journey.
Repealed by the Workmen’s Breach of Contract (Repealing) Act, 1925 (3 of 1925), S. 2 and Sch.
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
धारा 490 के तहत मूल रूप से नियोक्ताओं को यह अधिकार था कि वे नाविकों, नौकरों या कामगारों को—जो यात्रा या लंबी मंज़िल के दौरान सेवा का अनुबंध तोड़ दें या पलायन कर जाएं—दंडित कराने के लिए दंड विधि का उपयोग करें। औपनिवेशिक दौर में ऐसे नियम आम थे, जब नियोक्ता श्रमिकों को अनुबंध से कड़ा बाँधे रखने के औज़ार चाहते थे। जैसे-जैसे श्रम क़ानून विकसित हुए, संसद ने माना कि काम का अनुबंध तोड़ना आपराधिक नहीं, दीवानी विषय होना चाहिए; इसलिए 1925 में इस धारा और संबंधित धाराओं को निरस्त कर दिया गया।
आम गलतफहमियाँ
मिथक: धारा 490 आज भी वैध क़ानून है।
तथ्य: यह 1925 में ही निरस्त कर दी गई थी और इसका कोई वैधानिक बल नहीं है; नौकरी छोड़ना आपराधिक नहीं, दीवानी मसला है।