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सं Samvidhan

Indian Penal Code, 1860

धारा 489E

repealed

Making or using documents resembling currency-notes or bank-notes

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

क़ानून नक़ली जैसी मुद्रा को हतोत्साहित कर जनता के धन पर विश्वास की रक्षा करता है—जैसे नवोन्मेष/मज़ाक नोट, फ़िल्मी प्रयोजनों के नोट, या ऐसे विज्ञापन जो असली नोटों से इतनी समानता रखते हों कि लोग भ्रमित हो जाएँ। यह भारतीय दंड संहिता (IPC) में अन्यत्र वर्णित अधिक गंभीर जालसाज़ी अपराधों के साथ मिलकर काम करता है, पर यहाँ धोखा देने हेतु आपराधिक कूटरचना की बजाय हल्के दर्जे की नकल-जैसी स्थिति को कवर किया जाता है। स्वयं IPC को 1 July 2024 से भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023) द्वारा निरस्त कर प्रतिस्थापित किया गया है, जिसमें मुद्रा-जैसे दस्तावेज़ों पर इसी तरह का प्रतिबंध आगे बढ़ाया गया है।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: यह धारणा ग़लत है कि जब तक मैं उन्हें खर्च नहीं करता, तब तक नक़ली जैसे नोट छापना ठीक है।

    तथ्य: सिर्फ़ ऐसा नोट बनाना या उपयोग करना जो असली मुद्रा से काफ़ी हद तक मिलता-जुलता हो, इस धारा के तहत दंडनीय है—चाहे उसे असली पैसे की तरह ख़र्च करने का इरादा न भी हो।