Indian Penal Code, 1860
धारा 44
repealedInjury
The word “injury” denotes any harm whatsoever illegally caused to any person, in body, mind, reputation or property.
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
IPC अनेक अपराधों में ‘आघात’ शब्द का उपयोग करती है (जैसे आपराधिक भयादोहन, शरारत, या अनुचित हानि), इसलिए यह अनुभाग उसे व्यापक और एकरूप अर्थ देता है। शरीर, मन, प्रतिष्ठा और संपत्ति को शामिल कर के विधेयकों ने सुनिश्चित किया कि केवल शारीरिक घाव ही नहीं, बल्कि मानहानि करना या किसी की वस्तुएँ नष्ट करना जैसी हानियाँ भी—जहाँ-जहाँ संहिता में ‘आघात’ शब्द आए—आघात मानी जाएँ, बशर्ते वह नुकसान अवैध रूप से पहुँचाया गया हो।
न्यायालय इसे कैसे पढ़ते हैं
अदालतों ने इसे एक आधारभूत परिभाषात्मक प्रावधान माना है और जहाँ-जहाँ IPC के विशिष्ट अपराधों में ‘आघात’ आता है (जैसे धारा 319-338 में ‘हर्ट’ संबंधी प्रावधान, या भयादोहन और शरारत पर प्रावधान), वहाँ इसकी व्यापक परिधि लागू की है। न्यायाधीशों ने रेखांकित किया है कि हानि ‘अवैध रूप से’ पहुँची होनी चाहिए—अर्थात वैध कृत्यों से हुई हानि (जैसे किसी शल्य चिकित्सक द्वारा प्राधिकृत ऑपरेशन) इस परिभाषा के तहत ‘आघात’ नहीं मानी जाएगी।
आम गलतफहमियाँ
मिथक: IPC में ‘आघात’ का अर्थ केवल शारीरिक घाव या नीला पड़ना ही है।
तथ्य: धारा 44 यह स्पष्ट करती है कि मन, प्रतिष्ठा या संपत्ति को पहुँचा नुकसान भी ‘आघात’ है, केवल शारीरिक नुकसान ही नहीं।
मिथक: इस कानून के तहत किसी भी प्रकार की हानि को ‘आघात’ कहा जाता है।
तथ्य: हानि अवैध रूप से पहुँचाई गई होनी चाहिए—वैध कृत्यों से हुई हानि (जैसे अधिकृत चिकित्सीय उपचार) इस अनुभाग के तहत ‘आघात’ नहीं मानी जाएगी।