Indian Penal Code, 1860
धारा 387
repealedPutting person in fear of death or of grievous hurt, in order to commit extortion
Whoever in order to the committing of extortion, puts or attempts to put any person in fear of death or of grievous hurt to that person or to any other, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to seven years, and shall also be liable to fine.
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
यह धारा मृत्यु या गंभीर चोट की धमकी से जुड़ी अधिक गम्भीर उगाही अपराध के प्रयास-चरण को समेटती है, और वास्तविक रूप से कोई संपत्ति प्राप्त होने से पहले ही ऐसे चरम भय को उत्पन्न करने या उत्पन्न करने के प्रयास के कृत्य को दंडित करती है। इसका उद्देश्य यह है कि उगाही के लिए मृत्यु-धमकी देने वाला व्यक्ति केवल इस कारण दंड से न बच निकले कि पीड़ित ने प्रतिरोध किया या धन/संपत्ति के लेन-देन से पहले ही योजना विफल हो गई। इसी तरह का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता, 2023 (Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023) में भी जारी है, जिसने 2024 में भारतीय दंड संहिता का स्थान लिया।