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सं Samvidhan

Indian Penal Code, 1860

धारा 388

repealed

Extortion by threat of accusation of an offence punishable with death or imprisonment for life, etc

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह धारा जबरन वसूली के एक विशेष रूप से छलपूर्ण तरीके पर केन्द्रित है, जहाँ धमकी शारीरिक हिंसा की नहीं, बल्कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा या स्वतंत्रता को अत्यन्त गम्भीर अपराध के झूठे या अपयशजनक आरोप से नष्ट करने की होती है। क़ानून यह मानता है कि किसी निर्दोष को गम्भीर अपराधी के रूप में कलंकित किए जाने का भय, शारीरिक क्षति के भय जितना ही बाध्यकारी हो सकता है; इसलिए ऐसी जबरन वसूली को, गम्भीर चोट की धमकी देकर की गई जबरन वसूली जितनी ही कठोरता से दण्डित किया जाता है। इसी प्रकार का प्रावधान भारतीय दण्ड संहिता का स्थान लेने वाले Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 में भी जारी है, जो 2024 में लागू हुआ।