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सं Samvidhan

Indian Penal Code, 1860

धारा 385

repealed

Putting person in fear of injury in order to commit extortion

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह धारा उगाही के उद्देश्य से किसी को डराने के तैयारीकारक कृत्य को भी दंडित करती है, भले ही प्रयास असफल रहे और कभी कोई संपत्ति सौंपी ही न गई हो। विधि यह मानती है कि उगाही की मंशा से भय उत्पन्न करना अपने‑आप में ही खतरनाक है और पृथक रूप से दंडनीय होना चाहिए, ताकि केवल इस आधार पर दायित्व से बचाव न हो सके कि पीड़ित ने अंततः धमकी के आगे झुककर कुछ दिया नहीं। इसी प्रकार का प्रावधान ‘Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023’ के अंतर्गत भी बना हुआ है, जिसने 2024 में Indian Penal Code का स्थान लिया।