Indian Penal Code, 1860
धारा 384
repealedPunishment for extortion
Whoever commits extortion shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to three years, or with fine, or with both.
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
यह धारा पूर्ववर्ती धारा में परिभाषित सामान्य उगाही के अपराध के लिए मूल दंड का प्रावधान करती है, जिससे न्यायालय मामले की गंभीरता के अनुसार सज़ा—चाहे कारावास, जुर्माना, या दोनों—को अनुकूलित कर सकें। बाद की धाराओं में, जहाँ उगाही में मृत्यु की धमकी, गंभीर चोट (गंभीर उपहति), या गम्भीर आरोप शामिल हों, अधिक कड़े दंड लागू होते हैं। भारत दंड संहिता का स्थान लेने वाले Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 के अंतर्गत भी यह सामान्य दंड प्रावधान लगभग इसी रूप में जारी है, जिसका प्रतिस्थापन 2024 में हुआ।