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सं Samvidhan

Indian Penal Code, 1860

धारा 384

repealed

Punishment for extortion

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह धारा पूर्ववर्ती धारा में परिभाषित सामान्य उगाही के अपराध के लिए मूल दंड का प्रावधान करती है, जिससे न्यायालय मामले की गंभीरता के अनुसार सज़ा—चाहे कारावास, जुर्माना, या दोनों—को अनुकूलित कर सकें। बाद की धाराओं में, जहाँ उगाही में मृत्यु की धमकी, गंभीर चोट (गंभीर उपहति), या गम्भीर आरोप शामिल हों, अधिक कड़े दंड लागू होते हैं। भारत दंड संहिता का स्थान लेने वाले Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 के अंतर्गत भी यह सामान्य दंड प्रावधान लगभग इसी रूप में जारी है, जिसका प्रतिस्थापन 2024 में हुआ।