Indian Penal Code, 1860
धारा 341
repealedPunishment for wrongful restraint
Whoever wrongfully restrains any person shall be punished with simple imprisonment for a term which may extend to one month, or with fine which may extend to five hundred rupees, or with both.
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
धारा 339 में ‘ग़लत निरोध’ (wrongful restraint) की परिभाषा देने के बाद, यह धारा अपेक्षाकृत हल्की सज़ा निर्धारित करती है, क्योंकि निरोध, पूर्ण बंदी (confinement) के विपरीत, व्यक्तिगत स्वतंत्रता में कम हस्तक्षेप माना जाता है—आम तौर पर व्यक्ति के पास आगे बढ़ने का कोई वैकल्पिक मार्ग रहता है।
आम गलतफहमियाँ
मिथक: किसी का रास्ता थोड़ी देर के लिए रोकना कोई असली अपराध नहीं है।
तथ्य: किसी के वैध मार्ग में थोड़े समय का या दिखने में मामूली अवरोध भी, इस धारा के तहत दंड का कारण बन सकता है।