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सं Samvidhan

Indian Penal Code, 1860

धारा 295

repealed

Injuring or defiling place of worship, with intent to insult the religion of any class

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

धार्मिक रूप से विविध समाज में धार्मिक स्थलों और पूज्य वस्तुओं का गहरा भावनात्मक और सामुदायिक महत्त्व होता है, और उन पर हमले गंभीर सामाजिक अशांति भड़का सकते हैं। यह धारा पूजा-स्थलों और पूज्य वस्तुओं की भौतिक अखंडता की रक्षा करती है, विशेष रूप से तब जब कृत्य किसी धार्मिक समुदाय का अपमान करने के उद्देश्य से किया गया हो या यह जानते हुए किया गया हो कि उससे ऐसा अपमान माना जाएगा। भारती्य दंड विधान (Bharatiya Nyaya Sanhita), 2023 के अंतर्गत यह अपराध पुनः क्रमांकित धारा के रूप में जारी है।