Skip to content
सं Samvidhan

Indian Penal Code, 1860

धारा 138A

repealed

Application of foregoing sections to the Indian Marine Service.

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

धारा 138A मूलतः उन प्रावधानों के समूह का भाग थी जो भारतीय समुद्री सेवा के सदस्यों पर IPC के अपराधों का विस्तार करते थे, ठीक वैसे ही जैसे संहिता में सशस्त्र बलों के लिए विशेष नियम थे। प्रशासनिक ढांचे बदलने पर और समुद्री कार्मिक अपने पृथक सेवा क़ानूनों व विनियमों के अधीन आने लगे, तो यह प्रावधान निरर्थक हो गया। Amending Act, 1934 एक व्यापक संशोधन था जिसने IPC से कई अप्रचलित या आच्छादित प्रावधानों को हटा दिया, और यह धारा भी उन्हीं में से एक थी।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: धारा 138A आज भी नौसैनिक या समुद्री कार्मिकों पर लागू होती है।

    तथ्य: इसे 1934 में निरस्त कर दिया गया था और तब से इसका कोई विधिक प्रभाव नहीं है; समुद्री और नौसैनिक कार्मिक अब पृथक, आधुनिक सेवा क़ानूनों के अधीन शासित होते हैं।