Bharatiya Sakshya Adhiniyam, 2023
धारा 40
Facts bearing upon opinions of experts
Facts, not otherwise relevant, are relevant if they support or are inconsistent with the opinions of experts, when such opinions are relevant. Illustrations.
(a) The question is, whether A was poisoned by a certain poison. The fact that other persons, who were poisoned by that poison, exhibited certain symptoms which experts affirm or deny to be the symptoms of that poison, is relevant.
(b) The question is, whether an obstruction to a harbour is caused by a certain sea-wall. The fact that other harbours similarly situated in other respects, but where there were no such sea-walls, began to be obstructed at about the same time, is relevant.
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
विशेषज्ञ मत (जैसे विषाक्तता के लक्षणों पर चिकित्सक का मत या बंदरगाह में गाद जमने पर अभियंता का मत) का न्यायाधीशों द्वारा अपने बल पर परीक्षण करना कठिन हो सकता है। भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 46 से आलेखित यह प्रावधान मानता है कि तुलनात्मक या पुष्टिकारी तथ्य—अर्थात समान प्रतिरूप वाले मामले—न्यायालय को यह परखने में मदद करते हैं कि विशेषज्ञ का मत भरोसेमंद है या डगमग, भले वे तथ्य स्वतंत्र रूप से विवाद से संबंधित न हों।
न्यायालय इसे कैसे पढ़ते हैं
अदालतें इसे लगातार विशेषज्ञ साक्ष्य के नियमों का स्वाभाविक विस्तार मानती आई हैं: एक बार विशेषज्ञ की राय ग्राह्य हो जाए, तो कोई भी तथ्य जो तार्किक रूप से उस राय का समर्थन या खंडन करता हो, वह भी ग्राह्य होता है—चाहे उसमें तृतीय पक्ष या अलग घटनाएँ शामिल हों। पुरानी धारा 46 के अंतर्गत भारतीय अदालतों ने तुलनात्मक चिकित्सकीय या वैज्ञानिक आँकड़ों (जैसे अन्य विषाक्त पीड़ितों के लक्षण या समान संरचनाओं का व्यवहार) को विशेषज्ञ गवाही की जाँच के लिए स्वीकार किया, न कि विशेषज्ञ मत को यथास्थिति मान लेने के लिए।
आम गलतफहमियाँ
मिथक: यह प्रावधान अदालतों को किसी भी बेतरतीब तथ्य को लाकर विशेषज्ञ के खिलाफ तर्क करने की छूट देता है।
तथ्य: तथ्य विशेष रूप से उस विशेषज्ञ-राय का समर्थन करें या उसका खंडन करें जो पहले से मामले में प्रासंगिक है—तथ्य असंबद्ध या अटकल-आधारित नहीं हो सकते।
मिथक: सिर्फ वही पक्ष जो विशेषज्ञ का उपयोग कर रहा है, इस प्रावधान पर निर्भर कर सकता है।
तथ्य: दोनों पक्ष तुलनात्मक तथ्यों का उपयोग कर सकते हैं—चाहे विशेषज्ञ की राय को मजबूत करने के लिए हो या उसे चुनौती देने के लिए।