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सं Samvidhan

Bharatiya Sakshya Adhiniyam, 2023

धारा 136

Production of documents or electronic records which another person, having possession,

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह नियम उस सूचना के वास्तविक स्वामी से जुड़े विशेषाधिकार और गोपनीयता की रक्षा करता है, न कि केवल उसके वर्तमान धारक की। इसके बिना, विशेषाधिकार (जैसे विधिक सलाह की गोपनीयता या संरक्षित निजी संप्रेषण) मात्र इस कारण विफल हो सकता था कि कोई तीसरा व्यक्ति अस्थायी रूप से दस्तावेज़ अपने पास रख ले — जैसे कोई लिपिक, कर्मचारी या कुरियर। यह उपबंध सुनिश्चित करता है कि संरक्षण ‘अधिकार-धारक’ के साथ बना रहे, केवल कागज़/फ़ाइल की भौतिक हिरासत के साथ नहीं, और साक्ष्य क़ानून में अन्यत्र पाए जाने वाले विशेषाधिकार नियमों के उद्देश्य की रक्षा हो।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: जो कोई भी किसी दस्तावेज़ को भौतिक रूप से थामे हुए है, उसे कहा जाए तो उसे अदालत में दिखाना ही होगा।

    तथ्य: यदि उस दस्तावेज़ के असली स्वामी को कानूनी रूप से प्रकटीकरण से इन्कार करने का अधिकार (जैसे विशेषाधिकार) है, तो दस्तावेज़ का वर्तमान धारक भी, स्वामी की सहमति के अभाव में, इन्कार कर सकता है।

  • मिथक: यह उपबंध कोई नया विशेषाधिकार स्थापित करता है।

    तथ्य: यह कोई नया इन्कार-अधिकार उत्पन्न नहीं करता; यह केवल मौजूदा इन्कार-अधिकार (जो किसी अन्य व्यक्ति का है) को उस व्यक्ति तक विस्तारित करता है जो फिलहाल दस्तावेज़ या अभिलेख की हिरासत में है।