Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023
धारा 93
Provisions of this Chapter generally applicable to summons and warrants of arrest
The provisions contained in this Chapter relating to summons and warrant, and their issue, service and execution, shall, so far as may be, apply to every summons and every warrant of arrest issued under this Sanhita. A.—Summons to produce
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
दंड प्रक्रिया संहिताएँ प्रायः अलग‑अलग धाराओं में समन और वारंट (जैसे गवाहों के लिए, अभियुक्तों के लिए, संपत्ति प्रस्तुत कराने के लिए, इत्यादि) बनाती हैं। हर बार तामील और क्रियान्वयन के विस्तृत नियम दोहराने के बजाय, कानून वे विस्तृत नियम एक ही अध्याय में रखता है और फिर, इस तरह की एक धारा के माध्यम से, वही नियम संहिता में कहीं भी जारी किए गए सभी समनों और वारंटों पर सामान्य रूप से विस्तारित कर देता है। इस प्रकार का मसौदा‑प्रविधि कानून को संक्षिप्त और सुसंगत रखती है। यह दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 में प्रयुक्त इसी तरह की संरचना को आगे बढ़ाती है।
आम गलतफहमियाँ
मिथक: यह धारा समन या वारंट का कोई नया प्रकार निर्मित करती है।
तथ्य: यह कुछ नया निर्मित नहीं करती — यह केवल समन और वारंट के निर्गमन, सेवा (तामील) और क्रियान्वयन के मौजूदा नियमों को पूरे संहिता में सामान्य रूप से लागू कर देती है।