Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023
धारा 92
Arrest on breach of bond or bail bond for appearance
When any person who is bound by any bond or bail bond taken under this Sanhita to appear before a Court, does not appear, the officer presiding in such Court may issue a warrant directing that such person be arrested and produced before him.
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
बॉण्ड और जमानत-बॉण्ड ऐसे कानूनी आश्वासन हैं कि व्यक्ति आवश्यकतानुसार अदालत में उपस्थित होगा। यह प्रावधान उस वादे को प्रभावी रूप से लागू कराने के लिए है — इसके बिना, अभियुक्त या गवाह केवल धनराशि की ज़ब्ती के अलावा किसी सीधे परिणाम के बिना अपने बॉण्ड की उपेक्षा कर सकता था। यह अदालतों को एक त्वरित और सीधा साधन (गिरफ़्तारी वारंट) देता है ताकि अलग से लम्बी कार्यवाही का इंतज़ार करने के बजाय उपस्थिति सुनिश्चित की जा सके, और अनुपस्थितियों के कारण मुक़दमे व सुनवाई अनिश्चितकाल तक टलने से बचें।
आम गलतफहमियाँ
मिथक: अदालत की तारीख़ मिस होने पर केवल जमानत की राशि ज़ब्त होती है, और कुछ नहीं होता।
तथ्य: बॉण्ड की राशि की संभावित ज़ब्ती के अलावा, अदालत आपको सीधे अपने समक्ष प्रस्तुत कराने के लिए आपकी गिरफ़्तारी का आदेश भी दे सकती है।
मिथक: यह प्रावधान केवल ज़मानत पर छूटे अभियुक्तों पर ही लागू होता है।
तथ्य: यह किसी भी ऐसे व्यक्ति पर लागू होता है जो अदालत में उपस्थित होने के लिए बॉण्ड या जमानत-बॉण्ड से बंधा है — बॉण्ड की शर्तों के अनुसार इसमें गवाह या ज़मानती भी शामिल हो सकते हैं, न कि केवल अभियुक्त।