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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 525

Cases in which Judge or Magistrate is personally interested

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

निष्पक्ष सुनवाई के लिए निर्भीक और निष्पक्ष न्यायाधीश आवश्यक है। यदि किसी न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट का परिणाम में निजी दांव-पेच हो—जैसे स्वयं पीड़ित होना, किसी पक्ष का निकट संबंधी होना, या वित्तीय हित होना—तो उनका निर्णय प्रभावित हो सकता है या ऐसा प्रतीत हो सकता है। यह अनुभाग ‘कोई व्यक्ति अपने ही मामले में न्यायाधीश नहीं हो सकता’ (nemo judex in causa sua) के आधारभूत सिद्धांत को लागू करता है, जबकि स्पष्टीकरण बताता है कि नियमित आधिकारिक कर्तव्य (जैसे अपराधस्थल का निरीक्षण) अयोग्यता का कारण नहीं हैं, ताकि वास्तविक तथ्य-जांच अनावश्यक रूप से बाधित न हो। यह नियम दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 के पूर्व प्रावधान (धारा 479) से आगे बढ़ाया गया है।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: यह कहना गलत है कि न्यायाधीश कभी भी अपराधस्थल का दौरा नहीं कर सकता, वरना पक्षपाती हो जाएगा।

    तथ्य: आधिकारिक कर्तव्य के रूप में स्थल का दौरा करना या पूछताछ करना अपने आप में न्यायाधीश को अयोग्य नहीं बनाता; केवल वास्तविक निजी हित रखना या मामले में पक्षकार होना ही अयोग्यता का कारण है।