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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 492

Cancellation of bond and bail bond

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह उपबंध एक कमी को पाटता है: इसके बिना, रद्द हुए बांड के बाद यह अस्पष्ट रह सकता था कि क्या व्यक्ति पहले वचन तोड़ने पर भी फिर केवल अपने वचन पर चलता‑फिरता छोड़ दिया जा सकता है। यह जवाबदेही सुनिश्चित करता है, फिर भी नई, अधिक मज़बूत सुरक्षा के माध्यम से रिहाई का मार्ग खुला रखता है। यह पुराने दंप्रसं की धारा 447 का प्रतिरूप है।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: एक बार बांड रद्द हो जाए, तो उस व्यक्ति को उस मुकदमे में फिर कभी रिहा नहीं किया जा सकता—यह कथन ग़लत है।

    तथ्य: उन्हें अब भी रिहा किया जा सकता है, बशर्ते वे नया निजी बांड निष्पादित करें और, आवश्यकता हो तो, ऐसा ज़मानतदार बांड दें जिसे पुलिस या न्यायालय पर्याप्त माने।