Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023
धारा 456
Commutation of sentence of death on pregnant woman
If a woman sentenced to death is found to be pregnant, the High Court shall commute the sentence to imprisonment for life.
B.—Imprisonment
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
यह उपबंध अजन्मे शिशु की सुरक्षा और गर्भावस्था की विशिष्ट परिस्थितियों को मान्यता देने संबंधी मानवीय तथा संवैधानिक चिंता को प्रतिबिंबित करता है, और गर्भावस्था सिद्ध होने पर मृत्युदंड के रूपांतरण को अनिवार्य (विवेकाधीन नहीं) बना देता है। यह पूर्ववर्ती CrPC की धारा 416 के अनुरूप है और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों में पाई जाने वाली गर्भवती महिलाओं के निष्पादन-विरोधी व्यापक सिद्धांतों से संगत है।