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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 434

Finality of judgments and orders on appeal

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

निर्णयों की अंतिमता महत्वपूर्ण है ताकि मुक़दमेबाज़ी अनंत समय तक न चले; परंतु दंड प्रक्रिया में कभी-कभी एक ही मामले से जुड़े अनेक अपीलें अलग-अलग पक्षों द्वारा दायर होती हैं (दोषसिद्ध व्यक्ति, बरी सह-अभियुक्त, या राज्य जो अधिक कड़ी सज़ा चाहता है)। यह प्रावधान अंतिमता और निष्पक्षता के बीच संतुलन बनाता है—यह सुनिश्चित करते हुए कि एक अपील का निपटारा किसी वास्तविक, स्वतंत्र किन्तु संबद्ध अपील के दरवाज़े अपने-आप बंद न कर दे। यह पूर्ववर्ती दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 393 का परिलक्षण है।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: एक बार जब अपील न्यायालय किसी अपील का फ़ैसला कर दे, तो उस मामले से जुड़े किसी भी व्यक्ति को फिर कभी अपील करने का अधिकार नहीं रहता।

    तथ्य: इसी मामले से उत्पन्न अलग, किन्तु संबद्ध अपीलें—जैसे बरी के विरुद्ध अपील या सज़ा बढ़ाने के लिए अपील—मुख्य अपील के अंतिम रूप से निपट जाने के बाद भी सुनी और निर्णयित की जा सकती हैं।