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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 432

Appellate Court may take further evidence or direct it to be taken

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

अपीलें सामान्यतः मुकदमे के मौजूदा अभिलेखों पर तय होती हैं, पर कभी-कभी किसी महत्वपूर्ण बिंदु पर वह अभिलेख अधूरा होता है। यह प्रावधान अपीलीय अदालत को साक्ष्यों की वास्तविक कमी पूरी करने की सुविधा देता है, बिना पूरे मामले को नए सिरे से विचारण के लिए लौटाए; साथ ही यह लिखित कारण दर्ज करने और अभियुक्त की उपस्थिति सुनिश्चित करने से निष्पक्षता की रक्षा करता है। यह पूर्व दंप्रसं (CrPC) की धारा 391 के अनुरूप है।

न्यायालय इसे कैसे पढ़ते हैं

अदालतों ने बार-बार सावधान किया है कि इस शक्ति का उपयोग विरल ही किया जाए और केवल उतनी कमी दूर करने के लिए, जो न्यायोचित निर्णय के लिए आवश्यक हो; न कि अभियोजन की अपनी लापरवाही से छूटे हुए अंतर भरने या किसी पक्ष को अपना मामला मजबूत करने के लिए दूसरा मौका देने हेतु।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: अपीलीय अदालत नए सिरे से किसी भी पक्ष का पूरा मामला खड़ा कराने के लिए ताजा साक्ष्य इकट्ठा कर सकती है।

    तथ्य: यह शक्ति केवल उसी वास्तविक कमी को भरने के लिए है जो मौजूदा अपील का निष्पक्ष निर्णय करने हेतु जरूरी हो; छिपे रूप में पुनर्विचारण कराने या पहले साक्ष्य न ला पाने वाले पक्ष को पुरस्कार देने के लिए नहीं।