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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 373

Judgment of acquittal on ground of unsoundness of mind

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

मानसिक अस्वस्थता के आधार पर बरी किया जाना साधारण बरी होने से अलग है — इसका अर्थ ‘व्यक्ति ने किया ही नहीं’ नहीं, बल्कि ‘व्यक्ति ने कृत्य किया, पर उसे आपराधिक रूप से उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता’ होता है। यह धारा अदालत से यह स्पष्ट करने की मांग करती है कि इनमें से कौन‑सा मामला है, क्योंकि वही निष्कर्ष तय करता है कि व्यक्ति को सुरक्षित रूप से रिहा किया जा सकता है या नीचे की धाराओं के तहत उपचार हेतु निरुद्ध रखना होगा।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: मानसिक अस्वस्थता के आधार पर बरी किया जाना यह दर्शाता है कि अदालत ने पाया कि व्यक्ति उस कृत्य के मामले में निर्दोष है।

    तथ्य: आम तौर पर इसका उलटा अर्थ होता है — अदालत मानती है कि व्यक्ति ने कृत्य किया, लेकिन घटना के समय उसकी मानसिक अवस्था के कारण उसे आपराधिक दंड नहीं दिया जा सकता।